F&CC कमेटी में दो MLA बेटों की नियुक्ति पर घमासान
Views: 62
कांग्रेस पार्षद पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में दाखिल करेंगे एफिडेविट, नियुक्तियों को बताया गैर-संवैधानिक
लुधियाना, 21 जुलाई 2026 |कमल पवार
लुधियाना नगर निगम की F&CC (फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी) में दो सदस्यों की नियुक्ति को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने नेता विपक्ष शाम सुंदर मल्होत्रा की अगुवाई में एक अहम बैठक कर इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई और कानूनी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया।
बैठक के दौरान सभी कांग्रेस पार्षदों ने निर्णय लिया कि वे पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में अपने-अपने एफिडेविट दाखिल करेंगे। इन एफिडेविट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि F&CC कमेटी में की गई दो सदस्यों की नियुक्ति कथित तौर पर गैर-संवैधानिक है और उन्हें चुनावी एवं वोटिंग प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनाया गया।
पहले ही हाई कोर्ट पहुंच चुका है मामला
गौरतलब है कि इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्षद गौरव भट्टी पहले ही पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। अब कांग्रेस के सभी पार्षद इस मामले में एकजुट होकर 27 जुलाई को अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि F&CC जैसी महत्वपूर्ण कमेटी में नियुक्तियां लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पंजाब म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट के प्रावधानों के तहत होनी चाहिए।
उनका आरोप है कि:
1 दो सदस्यों की नियुक्ति बिना उचित चुनाव प्रक्रिया के की गई।
2 पार्षदों को वोटिंग प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनाया गया।
3 इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली की पारदर्शिता और वैधानिकता पर सवाल खड़े हुए हैं।
क्या है कांग्रेस की मांग?
कांग्रेस पार्षदों ने मांग की है कि कथित गैर-संवैधानिक नियुक्तियों को तुरंत रद्द किया जाए और F&CC कमेटी के सदस्यों का चुनाव पंजाब म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट के तहत लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुसार कराया जाए।
पार्षदों का कहना है कि इससे नगर निगम की कार्यवाही अधिक पारदर्शी, कानूनी और जवाबदेह बन सकेगी।
बैठक में शामिल रहे ये पार्षद
बैठक में नेता विपक्ष शाम सुंदर मल्होत्रा के अलावा हरजिंदर पाल लाली, गौरव भट्टी, पंकज काका, मोनू खिंडा, जसविंदर बीरू, हरविंदर कलेर, सोनू डिक्कू, स्वर्णदीप चहल, कमलजीत बोपा राय, भूपिंदर कौर गोपी, निर्मल कैरा, दिलराज सिंह, परमिंदर कौर इंडी, महाराज राजी, सुखदेव बावा, शालू डावर, विक्की और अन्य कांग्रेसी पार्षद मौजूद रहे।
जीत समाचार की बात
F&CC कमेटी नगर निगम की सबसे महत्वपूर्ण समितियों में से एक मानी जाती है, क्योंकि वित्तीय और ठेकों से जुड़े बड़े फैसले इसी कमेटी के माध्यम से लिए जाते हैं। ऐसे में यदि इसकी संरचना और नियुक्तियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो इसका असर सीधे नगर निगम की वैधता और पारदर्शिता पर पड़ सकता है।
अब सबकी नजरें 27 जुलाई की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो सकेगा कि यह मामला केवल सियासी विवाद है या फिर वास्तव में नियुक्ति प्रक्रिया में कानूनी खामियां हैं।
