भारतीय नौसेना को मिली नई ताकत, स्वदेशी युद्धपोत INS मालवन बेड़े में शामिल

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भारतीय नौसेना को मिली नई ताकत, स्वदेशी युद्धपोत INS मालवन बेड़े में शामिल

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भारतीय नौसेना को मिली नई ताकत, स्वदेशी युद्धपोत INS मालवन बेड़े में शामिल

कर्नाटक: भारतीय नौसेना ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए माहे श्रेणी के दूसरे पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘आईएनएस मालवन’ (INS Malvan) को कर्नाटक के आईएनएस कादंबा नौसैनिक अड्डे पर आयोजित भव्य समारोह में अपने बेड़े में शामिल कर लिया। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। समारोह में पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वत्सयान, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के प्रतिनिधियों, नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों तथा अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी भाग लिया।

आईएनएस मालवन आठ माहे श्रेणी के पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों में दूसरा पोत है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरणों और तकनीक का उपयोग किया गया है, जो भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। भारतीय नौसेना इस वर्ष अब तक सात युद्धपोतों को कमीशन कर चुकी है, जबकि वर्ष के अंत तक लगभग 12 नए युद्धपोतों को नौसेना में शामिल करने की योजना है।

समारोह को संबोधित करते हुए एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने नौसेना के स्वदेशीकरण के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है ताकि विमानन क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य जल्द हासिल किया जा सके।

आधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस

आईएनएस मालवन अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी हथियारों और रक्षा प्रणालियों से सुसज्जित है। इसमें आरबीयू-6000 रॉकेट लॉन्चर, दोनों ओर 324 मिमी के तीन-तीन हल्के टॉरपीडो ट्यूब, उन्नत हल्के टॉरपीडो, पनडुब्बी रोधी बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता तथा टॉरपीडो डिकोय लॉन्चिंग सिस्टम लगाया गया है। इसके अलावा सतह पर युद्ध के लिए 30 मिमी नौसैनिक तोप और दो 12.7 मिमी रिमोट नियंत्रित मशीन गन भी स्थापित हैं।

यह युद्धपोत तीन 6 मेगावाट समुद्री डीजल इंजनों से संचालित होता है और पंप-जेट प्रणोदन प्रणाली से लैस भारतीय नौसेना का सबसे बड़ा युद्धपोत है। इसकी अधिकतम गति 25 समुद्री मील, परिचालन सीमा 1,800 समुद्री मील तथा बिना रीफ्यूलिंग के लगातार 14 दिनों तक समुद्र में संचालन करने की क्षमता इसे बेहद प्रभावशाली बनाती है।

आईएनएस मालवन के नौसेना में शामिल होने से भारत की समुद्री सुरक्षा, तटीय निगरानी और पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता को नई मजबूती मिलेगी। यह युद्धपोत रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती स्वदेशी ताकत और आत्मनिर्भर भारत अभियान की एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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