नगर निगम कमिश्नर के तबादला आदेश को 24 घंटे भी नहीं हुए, ‘राजनीतिक शरण’ की चर्चाएं तेज!
बिल्डिंग ब्रांच में फेरबदल के बाद हलचल—किसी को चार्ज छिनने की चिंता, तो कोई फील्ड में वापसी की जुगत में?
जीत समाचार | लुधियाना | 13 सितंबर 2026 |विक्की कुमार
लुधियाना नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब नई हलचल की चर्चाएं सामने आ रही हैं। कमिश्नर की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले तथा चार्ज में बदलाव के आदेश जारी किए जाने के 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए, और सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि कुछ कर्मचारी अपने तबादले रुकवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
कुछ अधिकारियों से फील्ड चार्ज वापस लेकर हेडक्वार्टर भेजा गया है, जबकि अन्य कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
आदेश आया और शुरू हो गई ‘सेटिंग’ की चर्चा?
सूत्रों के मुताबिक, तबादला आदेश जारी होने के बाद कुछ अधिकारी अपने पुराने चार्ज को बचाने के लिए राजनीतिक सिफारिश तलाशने में जुटे होने की चर्चा है।वहीं, जिन कर्मचारियों को हेडक्वार्टर भेजा गया है, उनके बारे में भी सूत्र दावा कर रहे हैं कि वे दोबारा फील्ड में आने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अब सबसे बड़ा सवाल—कल कौन करेगा जॉइनिंग?
1 अब निगाहें इस बात पर टिक गई हैं कि नई जिम्मेदारी पाने वाले अधिकारी और कर्मचारी 13 सितंबर के बाद अपनी नई पोस्टिंग पर जॉइन करते हैं या नहीं।
2 क्या सभी कर्मचारी आदेशों का पालन करते हुए नई सीट पर पहुंचेंगे?
3 या फिर किसी के हाथ में छुट्टी की अर्जी होगी और किसी के पीछे राजनीतिक सिफारिश?
4 यही सवाल अब नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुरानी परंपरा टूटेगी या फिर दोहराई जाएगी?
नगर निगम के गलियारों में अक्सर यह चर्चा सुनने को मिलती रही है कि तबादला आदेश जारी होने के बाद भी कर्मचारी तुरंत नई जगह जॉइन नहीं करते।अब देखना यह होगा कि इस बार कमिश्नर के आदेशों के बाद यह स्थिति दोहराई जाती है या प्रशासनिक आदेशों का पूरी तरह पालन होता है।
सवाल सीधा है—आदेश कमिश्नर साहब का है, तो पालन कौन करेगा?
अब ‘हाजिरी’ पर रहेगी जीत समाचार की नजर
जीत समाचार की नजर अब उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों पर रहेगी जिनके चार्ज अथवा पोस्टिंग में बदलाव हुआ है।
1 कौन नई सीट पर जॉइन करता है?
2 कौन हेडक्वार्टर में हाजिरी लगाता है?
3 कौन फील्ड में वापसी की कोशिश करता है?
4 और कौन आदेश का पालन करने में देरी करता है?
इन सभी सवालों के जवाब अब जल्द सामने आएंगे।
जीत समाचार का बड़ा सवाल
“कमिश्नर साहब का आदेश चलेगा या राजनीतिक सिफारिश का जोर?”
कल की जॉइनिंग बताएगी—तबादला सिर्फ कागज पर हुआ है या वास्तव में बिल्डिंग ब्रांच में बदलाव शुरू हो चुका है!
जीत समाचार की नजर बनी हुई है। अगली खबर में बताएंगे—कौन पहुंचा नई सीट पर और कौन रहा गैरहाजिर?
जीत समाचार की हक़-सच लड़ाई
“सवाल पूछना हमारा हक़ है, सच सामने लाना हमारा फर्ज़!”
नोट: राजनीतिक सिफारिश अथवा तबादला रुकवाने के प्रयासों से संबंधित बातें सूत्रों के दावों पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

