जोन सी में “गोलमाल” या सिस्टम की चुप्पी? जवाब मांगा तो किसी ने कहा जोन-ए जा रहे हैं”, किसी ने कहा “Call You Back”! ऑफीसर एमटीपी
18 फीट की सड़क, बिजली का खंभा और ऊपर से गुजरती तारों के बीच चौथी मंजिल का निर्माण—पीसीएस अफसर बोले, “पहले सुरक्षा, फिर कंपाउंड फीस”
जीत समाचार | फॉलो-अप स्टोरी | लुधियाना | विक्की कुमार
जिस बिल्डिंग को लेकर जीत समाचार ने अपनी पिछली खबर में सवाल उठाए थे, उसी मामले में जब अधिकारियों से जवाब मांगा गया तो जवाबों ने ही नए सवाल खड़े कर दिए। कहीं तबादले का हवाला मिला, कहीं “Call You Back” का जवाब आया, लेकिन बिल्डिंग की स्थिति और कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जवाब अभी भी सवालों के घेरे में है।
बिल्डिंग इंस्पेक्टर कमलधीर हम तो जोन – ए जा रहे हैं”
जब जोन सी के बिल्डिंग इंस्पेक्टर कमलधीर से मामले को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अपनी नई तैनाती जोन – एमें होने की बात कही।अब सवाल यह है कि चार्ज बदलने के साथ क्या पुराने मामलों की जिम्मेदारी भी बदल जाती है?
एटीपी जोन सी का “Call You Back”—लेकिन कॉल का इंतजार जारी!
जब जोन सी के एटीपी जोन सी से इस बिल्डिंग को लेकर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो WhatsApp पर जवाब मिला—“Call You Back”।इसके बाद स्पष्ट जवाब के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।
अब सवाल सीधा है—जिस बिल्डिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उसकी जांच और मौके की वास्तविक स्थिति पर विभाग का आधिकारिक पक्ष क्या है?
पीसीएस अफसर का जवाब बना सबसे अहम कड़ी
मामला उच्च अधिकारी के संज्ञान में लाने पर पीसीएसअफसर ने कहा कि 18 फीट की सड़क पर बन रही बिल्डिंग की जांच की जाएगी। उन्होंने ऊपर से गुजर रही बिजली की तारों को भी गंभीर सुरक्षा का विषय बताया।अधिकारी के अनुसार, पहले लोगों की सुरक्षा जरूरी है और उसके बाद कंपाउंड फीस जैसे अन्य पहलुओं को देखा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब बिल्डिंग से बड़ा सवाल!
1 18 फीट की सड़क, बिजली का खंभा और ऊपर से गुजरती तारें—क्या ऐसी स्थिति में मंजिल का निर्माण नियमों के अनुसार है?
2 अगर निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है तो कार्रवाई कब होगी और जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
3 अब निगाहें नगर निगम की जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। जीत समाचार इस मामले में बिल्डिंग की स्थिति से लेकर अधिकारियों की कार्रवाई तक हर पहलू पर नजर बनाए रखेगा।
“सवाल पूछना हमारा हक है, तथ्य सामने लाना हमारा फर्ज़!”

