जोन-A ब्लॉक-25 का गजब खेल! पहले बिल्डिंग तैयार, फिर चला निगम का पीला पंजा!
जमीन किसी और की, रजिस्ट्री किसी और के नाम होने के सवाल; बिल्डिंग इंस्पेक्टर लकी की निगरानी पर उठे सवाल—निर्माण के दौरान कार्रवाई क्यों नहीं?
जीत समाचार | लुधियाना | 11 सितंबर 2026 | विक्की कुमार
लुधियाना नगर निगम की जोन-A बिल्डिंग ब्रांच एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ब्लॉक-25 की एक बिल्डिंग को लेकर ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।** सूत्रों के मुताबिक, जमीन की मिल्कियत और रजिस्ट्री को लेकर विवाद बताए जाने के बावजूद निर्माण चलता रहा और देखते ही देखते बिल्डिंग तैयार हो गई।
अब निगम की ओर से इसी बिल्डिंग पर कार्रवाई करते हुए इसे तोड़ दिया गया। लेकिन कार्रवाई के बाद सवाल और बड़ा हो गया है—
जब निर्माण शुरू हुआ था, तब बिल्डिंग ब्रांच की नजर कहां थी?
पहले बनने दिया, फिर तोड़ दिया!
सूत्रों के अनुसार प्रॉपर्टी की जमीन और रजिस्ट्री को लेकर सवाल पहले से बताए जा रहे थे। इसके बावजूद निर्माण जारी रहा।
अगर दस्तावेजों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी तो **निर्माण को शुरुआती स्तर पर ही रोकने की कार्रवाई क्यों नहीं हुई?**
और अगर निर्माण नियमों के तहत था, तो बाद में निगम को इसे तोड़ने की कार्रवाई क्यों करनी पड़ी?
यही सवाल अब जोन-A की बिल्डिंग ब्रांच के कामकाज को लेकर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
बिल्डिंग इंस्पेक्टर लकी की निगरानी पर सवाल
इस मामले में संबंधित बिल्डिंग इंस्पेक्टर लकी की भूमिका और मौके पर निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
क्या निर्माण के दौरान मौके का निरीक्षण किया गया था?
अगर निरीक्षण हुआ था तो जमीन और रजिस्ट्री से जुड़े सवालों का पता पहले क्यों नहीं चला?
और अगर निर्माण नियमों के विपरीत था तो **बिल्डिंग तैयार होने तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?**
हालांकि, किसी अधिकारी की मिलीभगत या गलत भूमिका की पुष्टि जांच के बिना नहीं की जा सकती, लेकिन घटनाक्रम ने जवाबदेही का सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।
निगम कमिश्नर से जांच की उम्मीद
अब मामला सिर्फ एक बिल्डिंग को तोड़े जाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यह भी जांच का विषय है कि निर्माण की शुरुआत से लेकर कार्रवाई तक **किस-किस स्तर पर निरीक्षण हुआ और अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की।**
क्या दस्तावेजों की जांच समय पर हुई?
क्या मौके पर निर्माण की नियमित निगरानी की गई?
और यदि निर्माण अवैध पाया गया तो कार्रवाई में देरी क्यों हुई?
जीत समाचार के सीधे सवाल
बिल्डिंग बन रही थी तो बिल्डिंग ब्रांच कहां थी?
दस्तावेजों को लेकर सवाल थे तो निर्माण रुकवाया क्यों नहीं गया?
अगर निर्माण गलत था तो कार्रवाई बिल्डिंग तैयार होने के बाद ही क्यों हुई?
क्या इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच होगी?
अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन सिर्फ बिल्डिंग तोड़कर मामला खत्म करता है या **निर्माण को अनुमति/निगरानी के स्तर पर हुई कथित लापरवाही की भी जांच करवाता है।
जीत समाचार की नजर जोन-A की बिल्डिंग ब्रांच पर बनी हुई है।

