जीत समाचार | एक्सक्लूसिव आरटीए दफ्तर में ‘करंट ड्यूटी चार्ज’ पर सवाल, ऑनलाइन सिस्टम के बीच पब्लिक डीलिंग किसके इशारे पर?
सरकारी व्यवस्था के बावजूद कर्मचारियों की सीटों और काम के बंटवारे को लेकर उठे सवाल; आरटीएने कहा—मामला ध्यान में आया, चेक करवाकर उच्च अधिकारियों को भेजेंगे
लुधियाना, 29 सितंबर 2026 दिनेश कुमार शर्मा
लुधियाना रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय में कर्मचारियों की ड्यूटी और पब्लिक डीलिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई चर्चाओं के बाद अब यह मुद्दा भी चर्चा में है कि जिस कर्मचारी को पब्लिक डीलिंग से दूर रखने की व्यवस्था है, उसे कथित तौर पर पब्लिक डीलिंग से जुड़े काम दिए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, सरकार की ओर से आरटीए कार्यालयों के कामकाज को ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ने और व्यवस्था में बदलाव के बावजूद कार्यालय में काम के बंटवारे को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। आरोप यह भी है कि कर्मचारियों को उनकी निर्धारित भूमिका से अलग काम सौंपे जा रहे हैं।
‘काम ऑनलाइन है तो फिर सीटों का बंटवारा क्यों?’
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब अधिकांश सेवाओं को ऑनलाइन करने पर जोर दिया जा रहा है, तो कार्यालय में कर्मचारियों के बीच पब्लिक डीलिंग और काम के बंटवारे की जरूरत तथा प्रक्रिया क्या है?
सूत्रों का दावा है कि कार्यालय में एक स्टेनो की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
आरटीए ने क्या कहा ?
इस संबंध में आरटीए लुधियाना से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मचारियों की आईडी पहले से बनी हुई है और फिलहाल उसी व्यवस्था के तहत काम चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से अभी तक कर्मचारियों के काम का कोई नया बंटवारा नहीं किया गया है।
आरटीएने यह भी कहा कि करंट ड्यूटी चार्ज और पब्लिक डीलिंग से जुड़ा मामला उनके संज्ञान में लाया गया है। इसे चेक करवाकर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी और सरकार के आदेशों का पालन किया जाएगा।
‘कानून सबसे ऊपर’—अब कार्रवाई का इंतजार
आरटीए के इस बयान के बाद अब निगाहें विभागीय कार्रवाई पर हैं। यदि नियमों के विपरीत किसी कर्मचारी को पब्लिक डीलिंग का काम सौंपा गया है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी और क्या व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा—यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
वहीं, सूत्रों द्वारा कर्मचारियों और एजेंटों के बीच कथित सांठगांठ तथा काम के बदले पैसे लिए जाने जैसे आरोप भी लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जीत समाचार किसी व्यक्ति पर लगे आरोप को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं करता। यदि जांच में कोई तथ्य सामने आता है तो उसे दस्तावेजों के आधार पर सामने रखा जाएगा।
जीत समाचार का अगला खुलासा जल्द
आखिर करंट ड्यूटी चार्ज की व्यवस्था कैसे चल रही है, किस कर्मचारी को कौन-सा काम सौंपा गया है और ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद कार्यालय में काम का बंटवारा किस आधार पर हो रहा है?
इन सवालों पर जीत समाचार दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर जल्द अपनी अगली रिपोर्ट सामने लाएगा।

