नगर निगम Zone-C ब्लॉक-37 में फिर शुरू हुआ दुकानों का निर्माण, नगर निगम की कार्रवाई पर उठे सवाल
जीत समाचार’ ने महीनों पहले उठाया था मामला, सबूतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?—अब दोबारा निर्माण शुरू होने से बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली पर सवाल
लुधियाना।10 अक्टूबर 2026 शुक्रवार
नगर निगम लुधियाना की बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली को लेकर ‘जीत समाचार’ लगातार सवाल उठाता रहा है। खासकर अवैध कॉलोनियों और बिना मंजूरी हो रहे निर्माण कार्यों के मामलों में कार्रवाई की गति को लेकर अब एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला नगर निगम Zone-C ब्लॉक-37 से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां पहले भी निर्माण को लेकर शिकायतें और दस्तावेज सामने रखे गए थे और अब कथित तौर पर दुकानों का काम दोबारा शुरू हो गया है।
‘जीत समाचार’ की ओर से कुछ महीने पहले इस मामले को प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित स्थान की तस्वीरें और अन्य दस्तावेज सामने रखे गए थे। रिपोर्ट में यह भी सवाल उठाया गया था कि पीछे प्लॉट काटे जाने तथा आगे दुकानों के निर्माण की तैयारी के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
RTI में सामने आई जानकारी ने बढ़ाए सवाल
इससे पहले करीब 2,000 कॉलोनियों से संबंधित मामले को लेकर भी ‘जीत समाचार’ ने सवाल उठाए थे। RTI के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर संबंधित बिल्डिंग इंस्पेक्टर द्वारा की गई कार्रवाई का उल्लेख सामने आया था। इसके बाद भी कई मामलों में कार्रवाई की स्थिति को लेकर सवाल बने हुए हैं।
नगर निगम Zone-C ब्लॉक-37 के मामले में ‘जीत समाचार’ का दावा है कि संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाए जाने और मौके के प्रमाण उपलब्ध करवाए जाने के बावजूद करीब तीन महीने तक कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी। अब निर्माण गतिविधियां दोबारा शुरू होने की बात सामने आने के बाद सवाल यह है कि आखिर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
नए इंस्पेक्टर ने कहा—‘मुझे पांच दिन हुए हैं’
मामले को लेकर जब वर्तमान बिल्डिंग इंस्पेक्टर से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें संबंधित जोन में जिम्मेदारी संभाले अभी करीब पांच दिन ही हुए हैं और उन्हें इस पुराने मामले की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में लाया गया है और इसकी जांच करवाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि पिछला अधिकारी क्या कार्रवाई कर गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है, लेकिन उनके कार्यकाल में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नर से संपर्क का प्रयास, जवाब नहीं मिला
मामले में नगर निगम कमिश्नर का पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका जवाब प्राप्त नहीं हो सका। ऐसे में अब निगाहें नगर निगम के उच्च अधिकारियों पर हैं कि नगर निगम Zone-C ब्लॉक-37 में कथित तौर पर दोबारा शुरू हुए निर्माण को लेकर क्या कार्रवाई की जाती है।
सवाल सिर्फ एक निर्माण का नहीं, सरकारी राजस्व का भी है
नगर निगम की आर्थिक स्थिति और सरकारी राजस्व से जुड़े सवालों के बीच यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि बिना मंजूरी निर्माण या कॉलोनी विकसित होने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो इससे नगर निगम के संभावित राजस्व—जैसे नक्शा फीस, कंपाउंडिंग फीस और अन्य वैधानिक शुल्क—पर असर पड़ सकता है।
अब सवाल यह है कि जिन मामलों के प्रमाण और शिकायतें पहले ही अधिकारियों के सामने रखी जा चुकी थीं, उनमें समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या जिम्मेदारी तय होगी? क्या पुराने रिकॉर्ड की जांच होगी? और नगर निगम Zone-C क्या ब्लॉक-37 में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मौके पर वास्तविक कार्रवाई होगी?
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जीत समाचार’ इस मामले से जुड़ी पिछली रिपोर्टों, उपलब्ध दस्तावेजों और निर्माण शुरू होने से अब तक की स्थिति को भी क्रमवार सामने रखते हुए।

