जोन-सी में ‘काम बंद’ का खेल! एटीपी बोले रुकवा दिया, मौके की तस्वीरों ने खोल दी पोल?
पहले बताया था सिर्फ चारदीवारी, अब इंटरलॉक सड़क बिछाने तक पहुंचा काम—तस्वीरें सामने आते ही बढ़ा मामला
लुधियाना, 3 अक्तूबर:विक्की कुमार
नगर निगम लुधियाना की बिल्डिंग ब्रांच जोन-सी एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ब्लॉक-37 में जिस जगह को लेकर पहले ही शिकायत की जा चुकी थी, वहां निर्माण गतिविधियां दोबारा शुरू होने के साथ मामला अब इंटरलॉक सड़क बिछाने तक पहुंचने की बात सामने आ रही है। पहले इस काम को कथित तौर पर सिर्फ चारदीवारी तक सीमित बताया गया था।जीत समाचार की ओर से जब दोबारा मौके की स्थिति निगम अधिकारियों के सामने रखी गई तो एटीपी की ओर से काम बंद करवाने का दावा किया गया। इसके बाद मौके की तस्वीरें उनके व्हाट्सऐप पर भेजी गईं। तस्वीरें भेजे जाने के बाद मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा।खास बात यह है कि पहले इस काम को कथित तौर पर सिर्फ चारदीवारी तक सीमित बताया गया था।नियमों के मुताबिक निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित अनुमति और स्वीकृत नक्शे की जरूरत होती है। ऐसे में शिकायत के बावजूद काम आगे बढ़ने से बिल्डिंग ब्रांच की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
चारदीवारी से इंटरलॉक सड़क तक—किसकी निगरानी में बढ़ा काम?
मामले में पहले कहा गया था कि केवल चारदीवारी का काम होना है, लेकिन अब यदि निर्माण कार्य इंटरलॉक सड़क बिछाने तक पहुंच गया है तो यह जांच का विषय है कि बीच के समय में मौके पर क्या-क्या काम हुआ और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को थी या नहीं।
एटीपी बोले—काम बंद, तस्वीरें कुछ और कहानी बता रहीं
जीत समाचार की ओर से मामला एटीपी के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने काम बंद करवाने की बात कही। इसके बाद मौके की तस्वीरें उनके व्हाट्सऐप पर भेजी गईं। तस्वीरें भेजे जाने के बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा। इससे मामले को लेकर स्थिति और भी रहस्यमय हो गई।
नए इंस्पेक्टर ने भी भेजी टीम
मामले में नए बिल्डिंग इंस्पेक्टर से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि काम बंद करवाने के लिए कर्मचारियों को मौके पर भेज दिया गया है। अब सवाल यह है कि यदि काम वास्तव में रुकवा दिया गया है तो शिकायत के बाद निर्माण दोबारा शुरू होने की नौबत क्यों आई?
पीसीएस अधिकारी ने दिया कार्रवाई का भरोसा
जीत समाचार की ओर से बिल्डिंग ब्रांच के पीसीएस अधिकारी के सामने भी मामला रखा गया। उन्होंने कहा कि काम बंद करवाया जाएगा और जांच में यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुराने मामलों के बाद अब नए सवाल
जोन-सी बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी शिकायतें और सवाल सामने आते रहे हैं। ऐसे में ब्लॉक-37 का मामला इस बात की जांच की मांग करता है कि निर्माण किस अनुमति के तहत शुरू हुआ, शिकायत के बाद इसकी निगरानी कैसे हुई और काम दोबारा कैसे आगे बढ़ा।
अब निगाहें नगर निगम कमिश्नर की कार्रवाई पर हैं। क्या सिर्फ मौके पर काम रुकवाया जाएगा या फिर निर्माण शुरू होने से लेकर शिकायत के बाद की पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी भी तय होगी?
जीत समाचार इस मामले से संबंधित मौके की तस्वीरों और अधिकारियों के जवाब के आधार पर आगे भी तथ्य सामने लाता रहेगा।

