ज़ोन सी में ‘पीला पंजा’ भी चुनता है निशाना! गरीबों पर हथौड़ा, 15 फीट सड़क पर बनी कमर्शियल बिल्डिंग पर खामोशी ?
शिकायतों के बावजूद इमारतों पर कार्रवाई क्यों नहीं? Star Road से Jaspal Bangar तक निगम की कार्रवाई पर उठे सवाल
जीत समाचार | लुधियाना | 10 सितंबर 2026 | विक्की कुमार
लुधियाना नगर निगम ज़ोन सी बिल्डिंग ब्रांच एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि उच्च अधिकारियों की सख्ती के बाद अपनी छवि सुधारने के लिए बिल्डिंग ब्रांच अब तेजी से कार्रवाई कर रही है, लेकिन कार्रवाई के चयन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।हाल ही में नगर निगम की टीम ने Star Road, Satsang Ghar Road, Hero Suman Area, Jaspal Bangar और Pal General Store के आसपास निर्माणों पर कार्रवाई की। कार्रवाई के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इसी तरह की कार्रवाई उन बड़ी कमर्शियल इमारतों पर भी होगी, जिनके संबंध में पहले से शिकायतें अधिकारियों तक पहुंची बताई जा रही हैं?
शिकायत आती है तो ‘कुंभकर्णी नींद’ का आरोप!
शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि बिल्डिंग ब्रांच को शिकायत मिलने के बावजूद कई मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं होती। आरोप के मुताबिक, निर्माण शुरू होने के बाद भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते और जब निर्माण काफी आगे बढ़ जाता है या उच्च अधिकारियों की ओर से पत्र/निर्देश आते हैं, तभी कार्रवाई तेज होती है।यदि यह आरोप सही है तो सवाल गंभीर है—शिकायत मिलने के बाद निर्माण को शुरुआती स्तर पर ही क्यों नहीं रोका जाता?
15 फीट सड़क पर कमर्शियल बिल्डिंगें, कार्रवाई कहां?
जीत समाचार के पास शिकायतकर्ता यादविंदर की ओर से दी गई शिकायतों से संबंधित सामग्री होने का दावा है। शिकायतों में ऐसी कमर्शियल इमारतों का उल्लेख बताया जा रहा है, जो करीब 15 फीट सड़क वाले क्षेत्रों में बनी हुई हैं।दावा है कि इनमें कुछ निर्माण पांचवीं मंजिल तक पहुंच चुके हैं।ऐसे में सवाल उठता है कि यदि इन निर्माणों की जानकारी शिकायतों के माध्यम से निगम अधिकारियों तक पहुंची थी, तो समय रहते मौके पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
छोटे निर्माण पर तेज कार्रवाई, बड़ी कमर्शियल बिल्डिंगों पर सवाल!
शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि कमजोर या छोटे निर्माणों पर निगम की कार्रवाई तेजी से होती है, जबकि बड़ी कमर्शियल इमारतों के मामलों में कार्रवाई नजर नहीं आती। इसी कथित अंतर को लेकर अब जोन-C की बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि शिकायतों में बताए गए निर्माण जांच में नियमों के विपरीत पाए जाते हैं, तो नियम सबके लिए समान होने चाहिए—चाहे निर्माण छोटा हो या बड़ा।
एटीपी ज़ोन सी और बिल्डिंग इंस्पेक्टर की फील्ड निगरानी पर सवाल
ज़ोन सी में यदि कई मंजिला कमर्शियल इमारतें लगातार खड़ी हो रही हैं तो संबंधित एटीपी ज़ोन सी और बिल्डिंग इंस्पेक्टर ज़ोन सी की फील्ड निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
1 क्या इन क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण किया गया?
2 क्या शिकायत मिलने के बाद मौके पर जांच हुई?
3 और यदि जांच में अनियमितता मिली थी तो कार्रवाई में देरी क्यों हुई?
अब कमिश्नर के दरबार में असली परीक्षा
मामले में अब निगाहें नगर निगम कमिश्नर पर टिकी हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित बड़ी इमारतों की जानकारी और दस्तावेज उच्च अधिकारियों तक भी पहुंचाए गए हैं।
अब देखना होगा कि निगम प्रशासन इन शिकायतों पर मौके की निष्पक्ष जांच करवाता है या नहीं और यदि नियमों का उल्लंघन मिलता है तो क्या उसी तरह कार्रवाई होती है जैसी हालिया मामलों में देखने को मिली।
जीत समाचार का अगला खुलासा
जीत समाचार के पास शिकायतों में बताए गए बहुमंजिला कमर्शियल निर्माणों से संबंधित दस्तावेज और सामग्री होने का दावा है। इनका परीक्षण कर आगे तथ्यों के आधार पर खुलासा किया जाएगा।
सीधा सवाल—क्या जो पीला पंजा छोटी इमारतों तक पहुंचा है, वह शिकायतों में दर्ज बड़ी कमर्शियल बिल्डिंगों तक भी पहुंचेगा?या फिर कार्रवाई केवल चुनिंदा मामलों तक सीमित रह जाएगी?अब सबकी निगाहें नगर निगम कमिश्नर की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
पढ़ते रहिए… जीत समाचार।

