जोन-ए में पांचवीं मंजिल का खेल! बिल्डिंग इंस्पेक्टर को बताया, फिर भी बीम भरती रही?
32 ब्लॉक, नूरवाला रोड के प्रीत विहार में निर्माण जारी रहने का आरोप—मौके की फोटो ने खोली निगम की फील्ड निगरानी की पोल?
लुधियाना | 11 सितंबर 2026 | विक्की कुमार
लुधियाना नगर निगम के जोन-एबिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 32 ब्लॉक, नूरवाला रोड स्थित प्रीत विहार में एक इमारत की पांचवीं मंजिल के लैंटर के लिए बीम भरने का काम चलने की तस्वीर सामने आई है।मौके की फोटो ने अब यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बिल्डिंग ब्रांच की फील्ड निगरानी कहां है?
इंस्पेक्टर को बताया, फिर भी काम नहीं रुका?
शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि चल रहे निर्माण की जानकारी संबंधित बिल्डिंग इंस्पेक्टर को दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा।अगर अधिकारी को मौके पर चल रहे काम की जानकारी दी गई थी, तो तुरंत निरीक्षण कर निर्माण रुकवाने की कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
पांचवीं मंजिल तक पहुंचा निर्माण, अफसरों की नजर कहां?
शिकायतकर्ता का कहना है कि निर्माण पांचवीं मंजिल के लैंटर तक पहुंच गया और मौके पर बीम भरने का काम चल रहा था।ऐसे में सवाल यह भी है कि इतने बड़े निर्माण के दौरान संबंधित अधिकारियों की नियमित फील्ड मॉनिटरिंग हुई या नहीं?
शिकायत के बाद कार्रवाई या सिर्फ कागजी खानापूर्ति ?
मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि शिकायतकर्ता का दावा है कि विभाग को निर्माण की जानकारी पहले ही दी जा चुकी थी।अब असली परीक्षा यह है कि नगर निगम मौके पर जाकर निर्माण की वैधता, नक्शे और अन्य दस्तावेजों की जांच करता है या मामला केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहता है।
पीला पंजा’ यहां कब पहुंचेगा?
जोन-A में हालिया कार्रवाई को देखते हुए अब सवाल उठ रहा है—अगर जांच में यह निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है तो क्या यहां भी पीला पंजा चलेगा?हालांकि, मौके की तस्वीर और शिकायतकर्ता के आरोप अपने आप में निर्माण को अवैध साबित नहीं करते। इसकी वास्तविक स्थिति नगर निगम की आधिकारिक जांच और रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी।
अब नजर ATP जोन-ए और संबंधित बिल्डिंग इंस्पेक्टर की अगली कार्रवाई पर है।
हक़ सच की लड़ाई की पड़ताल जारी है।

