CM की पोस्ट पर ‘फर्जी कमेंट’ बना JE के निलंबन की वजह? पावरकॉम में बवाल!
कर्मचारी बोले—AI से बनाया गया फर्जी कमेंट, JE ने किया साफ इनकार; 7 दिन का अल्टीमेटम, कार्रवाई वापस नहीं हुई तो पंजाबभर में आंदोलन की चेतावनी
जीत समाचार | 15 सितंबर 2026| पंजाब डेस्क | पटियाला
पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) में एक जूनियर इंजीनियर के निलंबन को लेकर कर्मचारी संगठनों और विभागीय कार्रवाई के बीच विवाद गहराता जा रहा है। सरकारी कर्मचारियों के जॉइंट फोरम और बिजली एकता मंच ने पटियाला के तोहड़ा सब-डिवीजन में तैनात JE दविंदर मेहरा के निलंबन पर सवाल खड़े करते हुए इसे लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।कर्मचारी संगठनों का दावा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की फोटो वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर कथित आपत्तिजनक कमेंट के मामले में JE को निलंबित किया गया। दूसरी तरफ JE दविंदर मेहरा ने उस कमेंट से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने न तो संबंधित पोस्ट की और न ही उस पर कोई कमेंट किया।
“AI से तैयार किया गया फर्जी कमेंट”
कर्मचारी नेताओं और JE की ओर से दावा किया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर ‘दविंदर मेहरा’ नाम की ID से किया गया कथित नकारात्मक कमेंट फर्जी है। उनका आरोप है कि किसी व्यक्ति ने AI अथवा अन्य तकनीक का इस्तेमाल कर उनके नाम से फर्जी कमेंट तैयार किया, ताकि उन्हें बदनाम किया जा सके।कर्मचारी नेताओं के मुताबिक 11 सितंबर को JE को तोहड़ा सब-डिवीजन कार्यालय बुलाया गया और इसके बाद उन्हें निलंबित कर रिलीव कर दिया गया। बाद में उनका तबादला बठिंडा किए जाने की बात भी सामने आई है।संगठनों का आरोप है कि कार्रवाई से पहले मामले की पर्याप्त जांच नहीं की गई और कर्मचारी को निलंबन का कारण भी स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया।
‘गलत काम करने से इनकार’ को लेकर भी उठे सवाल
कर्मचारी संगठनों ने आरोप लगाया है कि JE दविंदर मेहरा ने हाल ही में कथित दबाव के बावजूद कुछ गलत और गैर-कानूनी काम करने से इनकार किया था। नेताओं का दावा है कि इसी वजह से कुछ लोगों के साथ उनकी कथित रंजिश हो गई और उन्हें फंसाने की कोशिश की गई।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
7 दिन का अल्टीमेटम—कार्रवाई वापस लो, वरना आंदोलन
जॉइंट फोरम और बिजली एकता मंच ने पावरकॉम प्रबंधन तथा पंजाब सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। संगठनों की प्रमुख मांग है कि JE दविंदर मेहरा का निलंबन वापस लिया जाए, उन्हें दोबारा तोहड़ा सब-डिवीजन में तैनात किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो पंजाबभर में बिजली कर्मचारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।यूनियनों ने यह भी कहा है कि अपने फैसले के तहत कर्मचारी मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर जाकर संगठित रूप से अपने विरोध और “असली कमेंट” दर्ज कराएंगे।
16 सितंबर को पावरकॉम मुख्यालय के तीनों गेट घेरने का ऐलान
कर्मचारी संगठनों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर 16 सितंबर को पटियाला स्थित पावरकॉम मुख्यालय के तीनों मुख्य द्वारों का घेराव करने का ऐलान किया है।
संगठनों का कहना है कि यदि JE के मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
चीफ इंजीनियर को सौंपा मांग पत्र
इस मामले में जॉइंट फोरम और बिजली एकता मंच के प्रतिनिधिमंडल ने चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने JE का निलंबन वापस लेने और कथित सोशल मीडिया कमेंट की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच करवाने की मांग रखी।अब पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोशल मीडिया पर वायरल कथित कमेंट वास्तव में JE दविंदर मेहरा ने किया था या उनके नाम से फर्जी तरीके से तैयार किया गया था? इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
जीत समाचार इस मामले में विभागीय जांच और पावरकॉम प्रबंधन के आधिकारिक पक्ष पर नजर बनाए हुए है।

