कमिश्नर साहब कुछ भी लिखकर भेज दें… फैसला तो ऊपर से हमारे हिसाब से होगा?”

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सरकारी खजाने पर कथित चोट!

जोन-C बिल्डिंग ब्रांच के कर्मचारियों पर लाखों-करोड़ों के राजस्व नुकसान के आरोप, कार्रवाई की फाइल चंडीगढ़ रवाना—अब सरकार के फैसले पर नजर

लुधियाना, 25 सितंबर | विक्की कुमार

नगर निगम लुधियाना की जोन-C बिल्डिंग ब्रांच को लेकर पिछले कुछ महीनों से जीत समाचार द्वारा उठाए जा रहे सवालों के बाद अब मामला एक बार फिर चर्चा में है। सूत्रों के अनुसार, बिल्डिंग ब्रांच से जुड़े मामले की विभागीय जांच के बाद संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट और कार्रवाई से जुड़ी फाइल नगर निगम कमिश्नर कार्यालय से आगे चंडीगढ़ भेज दी गई है।

सूत्रों के मुताबिक, जोन-C के दो बिल्डिंग इंस्पेक्टरों के खिलाफ सस्पेंशन और चार्जशीट की कार्रवाई की सिफारिश किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अंतिम कार्रवाई सक्षम सरकारी स्तर से होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

फाइल चंडीगढ़ पहुंची, लेकिन सवाल अभी बाकी

मामला केवल फाइल भेजे जाने तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ गंभीर विभागीय आरोपों की जांच चल रही है और उसके विरुद्ध कार्रवाई की सिफारिश की गई है, तो जांच लंबित रहने के दौरान उसकी पब्लिक डीलिंग और संवेदनशील जिम्मेदारियों को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं ?

यही सवाल अब नगर निगम प्रशासन और पंजाब सरकार के सामने खड़ा है।

जीत समाचार द्वारा पहले भी बिल्डिंग ब्रांच से जुड़े कथित अनियमितताओं और निर्माण मामलों को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। शिकायतें और संबंधित दस्तावेज वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाए जाने की बात भी सामने आती रही है। अब जब सूत्रों के अनुसार कार्रवाई संबंधी फाइल चंडीगढ़ भेजी गई है, तो अगला फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अगर रिपोर्ट गई है तो कार्रवाई में देरी क्यों?

लोहा मंडी प्रधान राजेश सोनी ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार, सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने या बिल्डिंग नियमों से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच में रिपोर्ट तैयार होकर उच्च अधिकारियों तक पहुंच चुकी है, तो सरकार को मामले में स्पष्ट और समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बिल्डिंग ब्रांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में सामने आती है, तो जांच पूरी होने तक नियमों के अनुसार उसे संवेदनशील जिम्मेदारियों से अलग करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की व्यवस्था होनी चाहिए।

अब चंडीगढ़ के फैसले का इंतजार

सूत्रों के अनुसार, जोन-C बिल्डिंग ब्रांच के दो बिल्डिंग इंस्पेक्टरों को लेकर कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट चंडीगढ़ भेजी गई है। अब निगाह इस बात पर है कि उच्च स्तर पर इस फाइल पर क्या निर्णय लिया जाता है।

क्या विभागीय रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी?
क्या संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा?
या फिर मामला लंबी विभागीय प्रक्रिया में चला जाएगा?

इन सवालों के जवाब अब आने वाले सरकारी आदेशों से ही स्पष्ट होंगे।

फिलहाल फाइल चंडीगढ़ पहुंच चुकी है और जोन-C बिल्डिंग ब्रांच के मामले में अगला अध्याय सरकारी फैसले के बाद ही खुलेगा।

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