जोन-C में निर्माण को लेकर घमासान: मोहल्ला निवासी विरोध में, राजनीतिक समर्थन के आरोप

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शिकायत के बाद काम रुकवाया गया; बिल्डिंग इंस्पेक्टर बोले—पहले कागज और नक्शा, फिर निर्माण

लुधियाना, 27 सितंबर:विक्की कुमार

नगर निगम लुधियाना के जोन-C, ब्लॉक संथी, निर्मल सिंह नगर  में एक निर्माण को लेकर मोहल्ला निवासियों और निर्माणकर्ता के बीच विवाद सामने आया है। स्थानीय निवासियों की ओर से नगर निगम कमिश्नर को शिकायत देकर वहां प्रस्तावित क्वार्टरों के निर्माण पर आपत्ति जताई गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जिस निर्माण का स्थानीय स्तर पर विरोध किया जा रहा है, उसे आगे बढ़ाने के लिए एक राजनीतिक व्यक्ति की ओर से कथित तौर पर पैरवी की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित राजनीतिक व्यक्ति का पक्ष सामने आना बाकी है।

शिकायत के बाद विधायक ने मौके पर सुनी लोगों की बात

मोहल्ला निवासियों के अनुसार उन्होंने अपनी शिकायत नगर निगम कमिश्नर के अलावा विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू तक भी पहुंचाई। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि विधायक ने मौके पर पहुंचकर उनकी बात सुनी और निर्माण कार्य रुकवाने के निर्देश दिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इलाके में इस तरह के क्वार्टरों के निर्माण के खिलाफ हैं। वहीं, पूरे मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित स्थल पर निर्माण के लिए नगर निगम से क्या अनुमति ली गई है और प्रस्तावित निर्माण भवन नियमों के अनुरूप है या नहीं।

बिल्डिंग इंस्पेक्टर लकी का क्या कहना है?

मामले को लेकर बिल्डिंग इंस्पेक्टर लकी से बातचीत के अनुसार, उन्होंने निर्माण कार्य रुकवा दिया है। उनका कहना है कि संबंधित मालिक को दस्तावेज लेकर नगर निगम कार्यालय आने के लिए कहा गया है और नक्शा/अनुमति की जांच के बाद ही नियमों के अनुसार निर्माण की अनुमति दी जाएगी।

इस बयान से फिलहाल नगर निगम का रुख स्पष्ट है कि बिना आवश्यक दस्तावेज और स्वीकृति के निर्माण आगे नहीं बढ़ना चाहिए।

कमिश्नर को शिकायत भेजने का दावा

मामले में शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से एडवोकेट हरमिंदर सिंह ने दावा किया कि शिकायत नगर निगम कमिश्नर के व्हाट्सऐप पर भी भेजी गई है। उनका यह भी कहना है कि उन्होंने कमिश्नर से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी।

हालांकि, कमिश्नर कार्यालय की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अब असली सवाल—नियम चलेंगे या सिफारिश?

नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच पहले से ही अनधिकृत निर्माणों को लेकर निगरानी और कार्रवाई के दबाव में है। हाल ही में जोन-C में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई और पुराने मामलों का रिकॉर्ड मांगे जाने की रिपोर्ट भी सामने आई थी।ऐसे में इस मामले में भी मुख्य सवाल यही है कि क्या मौके पर प्रस्तावित निर्माण को सभी जरूरी मंजूरियां मिली हैं? क्या साइट का इस्तेमाल और निर्माण नगर निगम के भवन नियमों के अनुरूप है? और यदि कोई राजनीतिक सिफारिश की जा रही है तो क्या वह नियमों से ऊपर होगी?

इन सवालों का जवाब दस्तावेजों और नगर निगम की आधिकारिक कार्रवाई से ही स्पष्ट होगा।

जीत समाचार की नजर अब इस मामले की अगली कार्रवाई पर रहेगी।

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