लुधियाना में प्रशासन की नींद नहीं टूटी, भीड़भाड़ वाले इलाकों में खुलेआम बिक रहे पटाखे!

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डिवीजन नंबर-1, 2 और 4 के क्षेत्रों में पटाखों की बिक्री को लेकर उठे सवाल; फील्ड गंज में हादसे में 27 वर्षीय युवक की मौत के बाद भी क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है प्रशासन?

लुधियाना 01 नवंबर 2026 जीत समाचार 

शहर में पटाखों से जुड़े दर्दनाक हादसे के बावजूद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लुधियाना के डिवीजन नंबर-1, डिवीजन नंबर-2 और डिवीजन नंबर-4 के अंतर्गत आने वाले कुछ इलाकों में भीड़भाड़ के बीच खुलेआम पटाखों की बिक्री किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यदि इन स्थानों पर बिना वैध अनुमति और जरूरी सुरक्षा इंतजामों के पटाखे बेचे जा रहे हैं, तो यह आम लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।हाल ही में फील्ड गंज की कूचा नंबर-10 में पटाखों के स्टॉक में आग लगने से 27 वर्षीय साहिल सब्बरवाल की मौत ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद उम्मीद थी कि प्रशासन रिहायशी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पटाखों की बिक्री तथा भंडारण की सख्ती से जांच करेगा। लेकिन अब सामने आ रही शिकायतें इस कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठा रही हैं।

हादसे के बाद भी कार्रवाई का इंतजार क्यों?

भीड़भाड़ वाले बाजारों और संकरी गलियों में यदि पटाखों की बिक्री या भंडारण सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है, तो आग लगने की स्थिति में लोगों को बाहर निकलने तक का रास्ता मिलना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि संबंधित पुलिस थानों, जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग की ओर से इन इलाकों में नियमित जांच की जा रही है या नहीं।

प्रशासन से जवाब मांगते सवाल

1 डिवीजन नंबर-1, 2 और 4 के क्षेत्रों में पटाखे बेचने वाले प्रतिष्ठानों की जांच कब की गई?

2 क्या संबंधित दुकानदारों के पास वैध लाइसेंस और निर्धारित स्थान पर बिक्री की अनुमति है?

3 क्या पटाखों के भंडारण, अग्निशमन उपकरणों और आपातकालीन निकास की जांच की जा रही है?

4  नियमों का उल्लंघन मिलने पर अब तक कितने दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई हुई?

5 क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?

समय रहते कार्रवाई जरूरी

प्रशासन को चाहिए कि संबंधित क्षेत्रों में तत्काल संयुक्त जांच अभियान चलाकर पटाखों की बिक्री और भंडारण की स्थिति स्पष्ट करे। जहां भी बिना अनुमति बिक्री, असुरक्षित भंडारण या अन्य नियमों का उल्लंघन मिले, वहां कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, वैध लाइसेंस और सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले कारोबारियों तथा नियम तोड़ने वालों के बीच स्पष्ट अंतर रखा जाए।

रिहायशी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्टॉक कितना सुरक्षित?

पटाखे सामान्य सामान नहीं हैं। इनका भंडारण निर्धारित सुरक्षा मानकों, वैध लाइसेंस और लागू नियमों के अनुसार होना जरूरी है। यदि किसी दुकान, मकान, ऊपरी मंजिल या संकरी गली में नियमों के विपरीत बड़ी मात्रा में पटाखे रखे गए हैं, तो आग लगने की स्थिति में आसपास के घरों, दुकानों और राहगीरों की जान खतरे में पड़ सकती है। संकरी गलियों में दमकल की गाड़ियों को पहुंचने में भी परेशानी हो सकती है।

कारोबारी ही नहीं, जिम्मेदार विभागों की भी जवाबदेही तय हो

प्रशासन को केवल पटाखे बेचने वाली दुकानों तक सीमित न रहकर उन स्थानों की भी जांच करनी चाहिए, जहां बड़ी मात्रा में पटाखे जमा किए जाने की आशंका है। पुलिस, दमकल विभाग और विस्फोटक सामग्री के भंडारण से संबंधित सक्षम अधिकारियों को संयुक्त जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित कारोबारियों के पास वैध लाइसेंस हैं या नहीं, स्टॉक निर्धारित सीमा के भीतर है या नहीं और अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं या नहीं।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते कदम उठाएगा, या फिर किसी और हादसे के बाद जांच और कार्रवाई का सिलसिला शुरू होगा? शहरवासियों की सुरक्षा के लिए इस सवाल का जवाब जरूरी है।

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