नगर निगम लुधियाना से जीत समाचार मांगता है जवाब!
बिल्डिंगों के नक्शे पास थे या जमा हुई थी कंपाउंडिंग फीस? सरकारी खजाने को लाखों का नुकसान पहुंचाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई कब?
लुधियाना।01/ नवंबर/2026 विक्की कुमार
नगर निगम लुधियाना की बिल्डिंग ब्रांच में कथित अनियमितताओं को लेकर जीत समाचार जल्द ही एक के बाद एक बड़े खुलासे करने जा रहा है। मामला सिर्फ अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि सरकारी खजाने को होने वाले लाखों रुपये के कथित नुकसान का भी है।
जीत समाचार पहले भी नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में चल रहे कथित खेल को लेकर कई खबरें प्रकाशित कर चुका है। अब सवाल यह है कि जिन इमारतों के निर्माण को लेकर शिकायतें सामने आईं, क्या उनके नक्शे नियमानुसार पास थे? क्या निर्माण स्वीकृत नक्शों के मुताबिक हुआ? क्या नियमों के अनुसार कंपाउंडिंग फीस नगर निगम के खाते में जमा करवाई गई? अगर ऐसा नहीं हुआ तो सरकारी राजस्व को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी आखिर किस अधिकारी की बनती है?
चालान का ड्रामा, निर्माण जारी और सरकारी खजाने पर चोट!
जीत समाचार के हाथ कुछ ऐसे मामले लगे हैं, जिनमें कथित तौर पर बिल्डिंग इंस्पेक्टरों की ओर से चालान काटने की कार्रवाई तो की गई, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने के आरोप सामने आए हैं।
सवाल यह है कि क्या चालान केवल कागजों तक सीमित रहे? क्या बिल्डिंग मालिकों से नियमों के अनुसार कंपाउंडिंग फीस वसूल की गई? यदि फीस जमा नहीं हुई तो सरकारी खजाने में जाने वाला पैसा कहां गया?
जांच हुई, रिपोर्ट भी बनी, फिर कार्रवाई कहां अटकी?
सूत्रों के मुताबिक, बिल्डिंग के मामले में जांच होने के बाद उच्च अधिकारियों की ओर से नगर निगम कमिश्नर को रिपोर्ट भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद अभी तक संबंधित मामले में कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
यदि जांच में अनियमितताएं सामने आई थीं तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या जांच रिपोर्ट भी सरकारी फाइलों में दबकर रह गई?
नए कमिश्नर के सामने पुरानी फाइलें खोलेगा जीत समाचार!
जीत समाचार अब इन मामलों से जुड़े दस्तावेज, तस्वीरें, चालान और जांच रिपोर्ट नए नगर निगम कमिश्नर के सामने रखने की तैयारी कर रहा है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन अधिकारियों के कामकाज को लेकर शिकायतें और जांच की बातें सामने आ रही हैं, वे आज भी पब्लिक डीलिंग में बैठकर काम कैसे कर रहे हैं? क्या नए कमिश्नर पुरानी जांच रिपोर्टों को दोबारा खुलवाकर जिम्मेदारी तय करेंगे या ये मामले भी ठंडे बस्ते में चले जाएंगे?
जीत समाचार के सीधे सवाल नगर निगम प्रशासन से:
- संबंधित इमारतों के नक्शे पास हैं या नहीं?
- क्या निर्माण स्वीकृत नक्शों के अनुसार हुआ है?
- क्या कंपाउंडिंग फीस सरकारी खाते में जमा करवाई गई?
- चालान काटने के बावजूद निर्माण जारी कैसे रहा?
- सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ है तो जिम्मेदार कौन है?
- जांच रिपोर्ट कमिश्नर तक पहुंचने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच और कार्रवाई कब होगी?
अगला खुलासा जल्द!
जीत समाचार जल्द ही ऐसी इमारत का पूरा मामला जनता के सामने लाने जा रहा है, जहां चालान की कार्रवाई, लगातार जारी निर्माण और सरकारी कंपाउंडिंग फीस की वसूली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि नए नगर निगम कमिश्नर पुरानी जांच फाइलों को खुलवाकर सच्चाई सामने लाते हैं या बिल्डिंग ब्रांच के कथित खेल पर पर्दा पड़ा रहता है।
सर्दियों का मौसम दस्तक देने वाला है, कहीं नगर निगम के अधिकारी इन जांच फाइलों को ठंड से बचाने के लिए फिर रजाई में तो नहीं दबा देंगे? या फिर भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई की धूप दिखाने की हिम्मत भी करेंगे?
क्योंकि इमारतों की मंजिलें तो तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की कार्रवाई कब आगे बढ़ेगी, इसका जवाब अभी बाकी है!
अगला खुलासा जल्द… अब फाइलें भी खुलेंगी और सवालों के जवाब भी मांगे जाएंगे!
जीत समाचार — सच सामने लाने की मुहिम जारी रहेगी।

