किसान मंडियों में सूखा धान लेकर आएं, खरीद प्रक्रिया में नहीं होगी परेशानी: हिमांशु जैन
डिप्टी कमिश्नर ने नूरपुर बेट अनाज मंडी का किया दौरा, खरीद, लिफ्टिंग और भुगतान व्यवस्था का लिया जायजा
लुधियाना, 1 नवंबर (शर्मा)
धान की खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने और किसानों को मंडियों में किसी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए जिला प्रशासन लगातार खरीद प्रबंधों की निगरानी कर रहा है। इसी कड़ी में डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने आज नूरपुर बेट अनाज मंडी का दौरा कर धान खरीद संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में फसल लेकर आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो। खरीद, लिफ्टिंग और भुगतान की प्रक्रिया को बेहतर तालमेल के साथ समय पर पूरा किया जाए।
पूरी तरह सूखा धान मंडियों में लाने की अपील
डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने किसानों से अपील की कि वे धान की फसल पूरी तरह पकने के बाद ही कटवाएं और अच्छी तरह सुखाकर मंडियों में लेकर आएं।
उन्होंने कहा कि अधिक नमी वाला धान मंडियों में लाने से उसे सुखाने में अतिरिक्त समय लगता है, जिससे किसानों को इंतजार करना पड़ सकता है। निर्धारित मानकों के अनुसार सूखा धान मंडियों में लाने से खरीद प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सकेगी।
समय पर लिफ्टिंग के अधिकारियों को निर्देश
डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में धान की आवक के अनुसार खरीद और लिफ्टिंग के बीच बेहतर तालमेल रखा जाए। खरीदे गए धान का समय पर उठान सुनिश्चित किया जाए, ताकि मंडियों में नई फसल लाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहे।
उन्होंने मंडी में सफाई, पीने के साफ पानी, रोशनी और किसानों की सुविधा के लिए किए गए अन्य प्रबंधों का भी निरीक्षण किया।
किसानों ने खरीद प्रबंधों पर जताई संतुष्टि
इस मौके पर नूरपुर बेट के किसान बलवीर सिंह और खैहरा बेट के किसान चरणजीत सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार और जिला प्रशासन की ओर से अनाज मंडी में खरीद के अच्छे प्रबंध किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मंडी में धान की खरीद और लिफ्टिंग तुरंत हो रही है तथा खरीदी गई फसल का भुगतान भी किसानों को समय पर किया जा रहा है। किसानों ने मंडी में किए गए प्रबंधों पर संतुष्टि जाहिर की।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि किसानों की मेहनत से तैयार फसल की निर्बाध खरीद सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। खरीद प्रक्रिया के दौरान सामने आने वाली समस्याओं का तुरंत समाधान करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।

