दिल्ली हादसे के बाद लुधियाना में सील का खेल? उठ रहे गंभीर सवाल
सील लगी बिल्डिंग… फिर सील खुली कैसे?इंस्पेक्टर लकी पर उठे बड़े सवाल!
लुधियाना। 19 सितंबर 2026 विक्की कुमार
नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसने विभाग की कार्यप्रणाली और सीलिंग प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला एक ऐसी कमर्शियल बिल्डिंग से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसे पहले नगर निगम की ओर से सील किया गया था, लेकिन बाद में उसी बिल्डिंग की सील खुली हुई दिखाई दी।जीत समाचार के पास बिल्डिंग की सील लगी हुई तस्वीरें और बाद में खुली हुई सील की तस्वीरें पहुंची हैं। तस्वीरों के सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर सील खोलने की अनुमति किसने दी और किस आदेश के आधार पर बिल्डिंग को दोबारा खोला गया?
पहले सील… फिर खुली सील!
मामले के अनुसार, संबंधित बिल्डिंग को बिल्डिंग ब्रांच की कार्रवाई के तहत सील किया गया था। इसके बाद अब वहां सील खुली हुई दिखाई देने की बात सामने आई है।यहीं से पूरा मामला गरमा गया है।यदि सील सक्षम अधिकारी के आदेश से लगाई गई थी, तो उसे खोलने के लिए भी क्या कोई लिखित आदेश जारी हुआ था?अगर आदेश जारी हुआ था तो वह आदेश किसने दिया?और अगर कोई आदेश नहीं था, तो फिर सील खोलने की जिम्मेदारी किसकी है?
इंस्पेक्टर लकी पर क्यों उठ रहे सवाल?
इस पूरे मामले में नगर निगम बिल्डिंग ब्रांच से जुड़े इंस्पेक्टर लकी का नाम चर्चा में है।सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि संबंधित इंस्पेक्टर ने पहले बिल्डिंग को सील करवाने की कार्रवाई की थी और बाद में सील खोलने की बात सामने आई।हालांकि, सील किसके आदेश से खोली गई और इसके पीछे वास्तविक प्रक्रिया क्या थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।यही कारण है कि इस मामले में नगर निगम के उच्च अधिकारियों की भूमिका और जवाबदेही भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
अधिकारियों से हुई बातचीत ने बढ़ाए सवाल
जीत समाचार ने मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों से बात की।बिल्डिंग ब्रांच के तपन पीसीएस ऑफिसर ने कहा:मेरे पास ऐसा कोई ऑर्डर नहीं आया है। अगर कर्मचारी की तरफ से ऐसा किया गया है तो यह गलत है और इसके ऊपर कानूनी कार्रवाई होगी।”
वहीं MTP विजय जी से बातचीत में उन्होंने भी कहा कि उनके पास ऐसा कोई आदेश नहीं है और अगर कर्मचारी की तरफ से ऐसा किया गया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ATP राजकुमार जी ने कहा कि वह मामले को चेक करवाएंगे और अगर ऐसा हुआ है तो बिल्डिंग को दोबारा सील करवाया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल—सील खोली किसने?
अधिकारियों के इन बयानों के बाद मामला और गंभीर नजर आता है।अगर अधिकारियों के अनुसार सील खोलने का कोई आदेश उनके पास नहीं था, तो फिर सवाल उठना स्वाभाविक है—
❓ सील खोलने का आदेश किसने दिया?
❓ क्या कोई लिखित अनुमति मौजूद है?
❓ अगर अनुमति नहीं थी तो सील किसने खोली?
❓ क्या संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होगी?
❓ क्या नगर निगम इस मामले की विभागीय जांच करवाएगा?
बिल्डिंग सुरक्षा पर भी सवाल
शहर में अवैध निर्माण, बिल्डिंग नियमों और सुरक्षा को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे माहौल में किसी सील की गई बिल्डिंग के दोबारा खुलने की तस्वीर सामने आना प्रशासन के लिए गंभीर जांच का विषय बन सकता है।हाल के बड़े बिल्डिंग हादसों के बाद भी बिल्डिंग सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर प्रशासन पर जिम्मेदारी बढ़ी है।
ऐसे में अगर किसी बिल्डिंग को नगर निगम द्वारा सील किया गया है, तो उस सील की सुरक्षा और उसे खोलने की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट और रिकॉर्ड पर होना जरूरी है।
क्या सील फिर लगेगी या मामला सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहेगा?
जीत समाचार इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
जैसे-जैसे जांच, दस्तावेज और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आएगा, उसे भी खबर का हिस्सा बनाया जाएगा।
नगर निगम कमिश्नर साहब से बड़ा सवाल
अगर आपके विभाग की लगाई हुई सील बिना स्पष्ट अनुमति के खुल जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
सील लगी बिल्डिंग से खुली सील तक… कहानी में अभी कई सवाल बाकी हैं।
जीत समाचार की पड़ताल जारी…

