बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में लुधियाना बंद को व्यापक समर्थन | 7 घंटे बंद रहे बाजार, चौथे दिन भी जारी रही निगम कर्मचारियों की हड़ताल

0

Views: 8

संघर्ष कमेटी के नेतृत्व में निगम जोन-ए से घंटाघर चौक तक रोष मार्च | मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

लुधियाना, 30 जुलाई (जीत समाचार)

बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में कर्मचारी संगठनों द्वारा दिए गए लुधियाना बंद के आह्वान को शहर में व्यापक समर्थन मिला। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक करीब सात घंटे तक शहर के प्रमुख बाजार बंद रहे। कई स्थानों पर जहां दुकानदारों ने दुकानें खोलीं, वहां कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर शांतिपूर्वक बंद का समर्थन करने की अपील की, जिसके बाद अधिकांश दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं।

बंद के दौरान संघर्ष कमेटी के सदस्य नगर निगम के जोन-ए कार्यालय भी पहुंचे और कर्मचारियों से कार्यालय बंद कर आंदोलन में शामिल होने की अपील की।

घुमार मंडी, चौड़ा बाजार, मीना बाजार, किताब बाजार, करीमपुरा, दाल बाजार, बस्ती जोधवाल, गांधी नगर कपड़ा मार्केट सहित शहर के अनेक प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में व्यापारियों ने दुकानें बंद रखकर आंदोलन का समर्थन किया।

चौथे दिन भी जारी रही कर्मचारियों की हड़ताल

लुधियाना बंद के साथ-साथ सफाई कर्मचारी, सीवरमैन, माली, बेलदार और ड्राइवरों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। इस दौरान नगर निगम जोन-ए परिसर में संघर्ष कमेटी लुधियाना के वरिष्ठ नेता जी. सौंधी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन किया और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

इसके बाद प्रदर्शनकारी जोन-ए कार्यालय से घंटाघर चौक तक मार्च निकालते हुए पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।

संघर्ष कमेटी का बयान

संघर्ष कमेटी के वरिष्ठ नेताओं नरेश धींगान और चौधरी यशपाल ने कहा कि बरनाला घटना के विरोध में पंजाब की सभी सफाई कर्मचारी यूनियनों द्वारा दिए गए बंद को पूरे प्रदेश में व्यापक समर्थन मिला। उन्होंने लुधियाना के व्यापारियों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने आंदोलन के प्रति अपना समर्थन स्पष्ट रूप से जताया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार से जुड़े कुछ लोगों ने बंद को असफल बनाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों और आम जनता के सहयोग से बंद सफल रहा।

ये हैं प्रमुख मांगें

संघर्ष कमेटी ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं—

1 बरनाला प्रकरण में संबंधित पुलिस कर्मियों पर एससी/एसटी एक्ट सहित उचित कानूनी कार्रवाई।

2 ओवरएज कर्मचारियों सहित सभी अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।

3 ठेकेदारी प्रथा समाप्त की जाए।

4 पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए।

नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई को भी संघर्ष कमेटी द्वारा रोष प्रदर्शन किया जाएगा।

प्रमुख रूप से उपस्थित रहे

रोष प्रदर्शन में नरेश धींगान, चौधरी यशपाल, जी. सौंधी, लाला सुंदर अटवाल, संजीव गिल, दीपक हंस, अजेपाल दिशावर, डॉ. डी.पी. खोसला, विपन कल्याण, विक्की सहोता, आनंद राक्षस, अशोक दानव, एडवोकेट नरिंदर, विनोद एकलव्य, वरुण राज, रवि मतंग, मिंकल बिरला, रजिंदर मूलनिवासी, डॉ. सुरजीत सिंह, सोहनवीर रनिया, पिन्नी हंस, सुमित चोटाला, सुरिंदर बाली, पप्पा बत्रा, सुशील रत्ती, सुनील हंस, सनी बालू, रॉबिन अटवाल, लाड़ी मुंग, राज गिल, परविंदर पूहाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed